अध्याय 10 अब आप वाइस डीन नहीं हैं!
शार्लट के आते ही वहाँ हलचल मच गई।
हार्पर के अंदर आते वक्त जैसा माहौल था वैसा नहीं रहा। लड़के इस बार कुछ संभले हुए और अटपटे लग रहे थे। लड़कियों को अपने-आप में कमी महसूस होने लगी।
आखिरकार, शार्लट तो उनके हाई स्कूल के दिनों की असली “देवी” थी—उसके आगे बाकी सब फीका था।
“शार्लट, इधर आओ, यहाँ बैठो। मैंने तुम्हारे लिए जगह बचाकर रखी है।” क्लास प्रेसिडेंट टिम तुरंत खड़ा हो गया और अपने बाएँ तरफ वाली कुर्सी खींचकर देने लगा, चेहरे पर वह मुस्कान लाकर जिसे वह जेंटलमैन वाली मुस्कान समझ रहा था।
शार्लट ने बैठने की व्यवस्था पर एक नज़र डाली और शालीनता से मना कर दिया। “मैं लड़कियों के साथ बैठूँगी। हमें कुछ निजी बातें करके पुरानी यादें ताज़ा करनी हैं।”
टिम, भले ही शर्मिंदा हो गया, मगर बस सूखी-सी मुस्कान के साथ सिर हिला सका।
फिर उसने अपना गुस्सा राइडर पर निकाल दिया। “तुम ज़रा समझदारी नहीं दिखा सकते? लड़कियों वाली साइड पर भीड़ है। तुम सरक नहीं सकते?”
“मैं कहाँ सरकूँ?” राइडर तो वैसे भी ठीक लड़कियों के सामने ही बैठा था। उसके पास हिलने की कोई जगह थी ही नहीं।
ऊपर से यह चौदह लोगों वाली टेबल थी, और अभी सिर्फ बारह लोग थे। भीड़ बिल्कुल नहीं थी।
टिम के होंठ के कोने पर एक ढीठ-सी मुस्कान उभर आई।
उसके चेहरे की मुस्कान में ज़हर झलक रहा था। वह ठंडी हँसी हँसकर बोला, “अपनी कुर्सी उठाओ और जाकर कोने में बैठकर खाओ। टेबल पर जगह मत घेरो!”
लिली की भौंहें तन गईं। “तो राइडर खाएगा कैसे?”
टिम ने तिरस्कार से होंठ टेढ़े किए। “कटोरी में खा ले, या फिर हमारे निपटने तक इंतज़ार कर ले। वैसे भी हाई स्कूल में तो इसे बचे-खुचे खाने के बड़े शौक थे, है ना?”
क्लासमेट्स ठहाके मारकर हँस पड़े।
“तुम लोग हद कर रहे हो!” लिली गुस्से से बोली।
लेकिन शार्लट बीच में बोल पड़ी, “कोई बात नहीं। उसके लिए यहाँ भी जगह है। हम सब क्लासमेट्स हैं, माहौल अटपटा मत करो।”
शार्लट के बीच-बचाव के बाद टिम मना नहीं कर सका, इसलिए उसने राइडर से यूँ ही कह दिया, “ठीक है! शार्लट के लिए… तुम टेबल पर ही खा लो!”
शार्लट बैठ गई।
लेकिन पूरे खाने के दौरान उसने राइडर से एक शब्द भी नहीं कहा, बस बाकी लड़कियों से बात करती रही।
उसकी मौजूदगी ने सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। जो हार्पर कुछ मिनट पहले तक सबकी नज़रों में थी, अब उसे कोई पूछ ही नहीं रहा था।
“बस सुंदर है, और कुछ खास नहीं,” हार्पर ने जलन में बुदबुदाकर कहा।
लिली ने राइडर की तरफ आँखें घुमाईं और बोली, “वो कितनी सलीकेदार है—सच में क्लास ब्यूटी कहलाने लायक। हार्पर से तो कहीं बेहतर। तुम्हें उसकी भलाई याद रखनी चाहिए, है ना?”
“मैं आभारी हूँ, लेकिन मेरे मन में कोई और बात नहीं है!” राइडर ने शांत स्वर में जवाब दिया।
कभी, छोटी उम्र में, उसे सचमुच शार्लट के लिए भावनाएँ थीं।
मगर उस घटना के बाद, जिसने दोनों के बीच दरार डाल दी थी, राइडर ने वह सोच पूरी तरह छोड़ दी थी। अब बस हल्का-सा अफसोस रह गया था, उससे ज़्यादा कुछ नहीं।
और वैसे भी, वह शादीशुदा था। रूप-रंग और फिगर की बात करें तो सारा शार्लट से भी आगे थी।
उसके पास बहकने की कोई वजह नहीं थी।
“अपने-आप को यही समझाते रहो!” लिली को यकीन नहीं हुआ, लेकिन किसी वजह से, राइडर के मुँह से शार्लट के लिए ‘कुछ नहीं’ सुनकर उसे अजीब-सी तसल्ली हुई।
टिम ने मेन्यू उठाया और आवाज़ लगाई, “सब लोग ऑर्डर करो। जो चाहो मंगाओ, आज मेरी तरफ से!”
क्लासमेट्स बारी-बारी से ऑर्डर देने लगे।
लेकिन जब राइडर की बारी आई, टिम ने जान-बूझकर उसे छोड़ दिया। लिली गुस्से से भर उठी।
थोड़ी ही देर में एक के बाद एक कई डिशें आने लगीं। वाकई बढ़िया होटल था; हर पकवान देखने और खुशबू में लाजवाब लग रहा था।
क्लासमेट्स तारीफ करने लगे, “हमारे क्लास प्रेसिडेंट की पसंद कमाल की है। इतना स्वादिष्ट मैंने कभी नहीं खाया!”
“हाँ यार, वह तो गजब है। हमारे हाई स्कूल का नाम रोशन किया है!”
क्लास टीचर मिस्टर ब्लेयर ने चश्मा ठीक करते हुए संतोष से कहा, “मेरे इतने सालों के पढ़ाने में टिम जैसा सफल छात्र मैंने नहीं देखा, हा-हा!”
टिम खुशी से फूला नहीं समाया और हाथ हिलाकर बोला, “आज सब पेट भरकर खाना। ये पैसे तो मेरे लिए जेबखर्च जैसे हैं!”
जैसे ही लगभग सारे व्यंजन टेबल पर आ गए और सब खाने ही वाले थे, शार्लट अचानक बोली, “वैसे, बाद में एक रहस्यमय मेहमान आने वाला है। मुझे लगता है, सब लोग बहुत हैरान होने वाले हैं!”
सहपाठियों में जिज्ञासा जाग उठी। “ये रहस्यमय मेहमान कौन है? लड़का या लड़की?”
टिम चौकन्ना हो गया। “क्या हम इस रहस्यमय मेहमान को जानते हैं?”
“बिलकुल जानते हैं!”
उसके बोलते ही, प्राइवेट रूम का दरवाज़ा धकेलकर खुला और सफ़ेद सूट व सफ़ेद चमड़े के जूते पहने एक जवान आदमी अंदर आया।
वह बेहद हैंडसम था और उसके तौर-तरीक़ों में नरमी थी।
“क्रिस?”
उसे देखते ही सबकी आँखें हैरानी से फैल गईं।
यहाँ तक कि राइडर भी चौंक गया।
क्रिस गार्सिया की पढ़ाई हमेशा टॉप रहती थी—क्लास में हमेशा पहला।
ऊपर से उसका स्वभाव सौम्य और चेहरा आकर्षक; उसके चाहने वालों की कमी नहीं थी। बाहर वालों की नज़र में क्रिस ऐसा आदर्श छात्र था, जिसमें “चरित्र” भी था और “काबिलियत” भी।
लेकिन बहुत कम लोग जानते थे कि जब राइडर पर लड़कियों के अंडरगारमेंट्स चुराने का गलत इल्ज़ाम लगा था, तो अपनी बेगुनाही साबित करने के लिए राइडर कई रातें जागकर निगरानी करता रहा और आखिर एक शाम उसने असली अपराधी को पकड़ लिया।
और वह… क्रिस था!
राइडर उसे सबके सामने लाना चाहता था, मगर क्रिस ने धमकी दी कि अगर उसने ऐसा किया, तो वह उसे स्कूल से निकलवा देगा—क्योंकि क्रिस का चाचा वाइस प्रिंसिपल था।
राइडर को मजबूरन गुस्सा पी जाना पड़ा। वैसे भी उसे पता था—वह सच बोल भी दे, तो टीचर और क्लासमेट्स कभी उस पर यकीन नहीं करेंगे।
हाई स्कूल ग्रेजुएशन के बाद क्रिस पढ़ाई के लिए विदेश चला गया, फिर उसका कोई पता नहीं चला।
और आज वह अचानक सामने आ गया।
दुश्मन एक-एक करके जमा हो रहे थे। बात दिलचस्प होती जा रही थी।
इस कमरे में, राइडर के अलावा क्रिस से सबसे ज़्यादा नफ़रत टिम ही करता था।
हाई स्कूल में क्रिस, टिम का नंबर-वन प्रतिद्वंद्वी था।
नंबर, घर-परिवार की हैसियत और पॉपुलैरिटी—हर मामले में टिम हमेशा क्रिस के साए में दबा रह जाता। राइडर और शार्लट के बीच दूरी आने के बाद, टिम और क्रिस दोनों ने खुलेआम शार्लट के पीछे पड़ना शुरू कर दिया था। शार्लट को लेकर उनकी न जाने कितनी बार भिड़ंत हुई थी।
क्रिस को देखते ही टिम के चेहरे की बनावटी शेख़ी एकदम गायब हो गई। वह गंभीर होकर बोला, “तुम यहाँ क्या कर रहे हो?”
क्रिस ने गर्मजोशी भरी मुस्कान दिखाई। “क्लास रीयूनियन में ही तो आया हूँ। क्या क्लास प्रेज़िडेंट मेरा स्वागत नहीं करेगा? या डर है कि मेरे आने से तुम्हें ज़्यादा पैसे देने पड़ेंगे?”
“बिलकुल नहीं!” टिम के चेहरे पर अनिच्छा साफ़ झलक रही थी।
“क्रिस, मेरे पास आकर बैठो!” हार्पर ने मौका देखा, झट से उठी, तेज़ी से क्रिस के पास पहुँची, उसका हाथ पकड़कर उसे अपने बगल में खींच लाई और बिठा दिया।
वह सच में बहुत आगे बढ़ रही थी। यह नज़ारा कई लड़कियों को अखर गया; उन्होंने आँखें तरेरीं।
क्रिस तो उनका ड्रीम बॉय था, मगर लुक्स के मामले में हार्पर के सामने—सिवाय शार्लट और लिली के—कोई टिक नहीं पाता। बाकी बस जलन के साथ देखते रह गए।
लिली बड़बड़ाई, “हार्पर में सच में हुनर है। अभी-अभी टिम को फँसाया, और अब तुरंत उससे बेहतर पर चिपक गई। कितनी बेशर्म है!”
राइडर भी सहमत था।
हार्पर मीठी आवाज़ में बोली, “क्रिस, बरसों हो गए मिले नहीं। तुम और भी हैंडसम हो गए हो! कब लौटे देश? अब क्या करते हो?”
क्रिस ने जवाब दिया, “विदेश में पोस्ट-डॉक्टरल रिसर्च पूरी करके दो महीने पहले लौटा हूँ। आखिर घर जैसा कहीं नहीं। अब मैं गुड ग्रुप में फ़ाइनैंस डायरेक्टर हूँ!”
हार्पर प्रशंसा से उछल पड़ी, “गुड ग्रुप तो अरबों का है, तो फिर तुम हर साल बहुत कमाते होगे, है ना?”
क्रिस ने विनम्रता से मुस्कराकर कहा, “स्टॉक डिविडेंड छोड़ दें तो साल में करीब दस लाख कमा लेता हूँ। आखिर में तो बस अच्छी ज़िंदगी जीनी है।”
सहपाठियों ने ईर्ष्या और तारीफ़ भरी नज़रें डालीं।
क्रिस, टिम से कहीं ज़्यादा दमदार निकला!
एक सहपाठी ने अंगूठा उठाकर कहा, “क्लास प्रेज़िडेंट कमाल हो! हमें तुम पर गर्व है!”
क्लास टीचर मिस्टर ब्लेयर ने अपने चश्मे को ऊपर सरकाया और बोले, “मेरी पढ़ाई की उम्र में, क्रिस सबसे सफल स्टूडेंट है, जिसे मैंने देखा है!”
टिम मन ही मन तिलमिला उठा, “यही बात तो उसने मेरे बारे में भी कही थी!”
हार्पर क्रिस के और करीब होना चाहती थी। वह बोली, “क्रिस, मैं तुम्हें खाना परोस दूँ?”
मगर क्रिस ने भौंहें चढ़ाईं, मेज़ पर हल्का सा थपथपाया और कहा, “ये खाना इंसानों के खाने लायक है भी?”
